अगर आपको लगता है कि आजकल की कॉमेडी फिल्मों में पहले जैसा मज़ा नहीं रहा, तो प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। गलतफहमियों से भरी कहानियां, किरदारों की भागदौड़ और ऐसे डायलॉग जो सालों बाद भी मीम बनकर ज़िंदा रहते हैं, प्रियदर्शन की कॉमेडी का यही जादू है।
इस जादू की सबसे बड़ी वजहों में से एक उनकी कास्ट है, जो हर फिल्म में जबरदस्त होती है। प्रियदर्शन की कास्ट में अक्षय कुमार एक ऐसे अभिनेता है, जिन्होंने सबसे ज़्यादा उनके साथ काम किया है। इन दोनों की जोड़ी ने बॉलीवुड को ऐसी कॉमेडी फिल्में दी हैं जिन्हें लोग आज भी बार-बार देखना पसंद करते हैं।
यही कारण है कि जब खबर आई कि दोनों फिर साथ आ रहे हैं फिल्म Bhooth Bangla में, तो फैंस की एक्साइटमेंट दोगुनी हो गई। इस फिल्म में अक्षय ही नहीं, परेश रावल भी हैं। अब जब तक Bhooth Bangla रिलीज़ नहीं होती, क्यों न प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में फिर देखी जाएं?
फिल्म हेरा-फेरी, 2000
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कास्ट: Akshay Kumar, Suniel Shetty, Paresh Rawal
अगर बॉलीवुड कॉमेडी की बात हो और हेरा फेरी का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। कहानी तीन ऐसे लोगों की है जो पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं- राजू, श्याम और बाबूराव। किस्मत तब पलटती हुई लगती है, जब एक गलत फोन कॉल उनके पास आता है और उन्हें किडनैपिंग प्लान का हिस्सा बना देता है।
इसके बाद जो होता है, वह पूरी तरह अफरा-तफरी, लालच और बेतुकी सिचुएशन का मिश्रण है। फिल्म के डायलॉग आज भी सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं और बाबूराव का किरदार तो इतिहास का हिस्सा बन चुका है। प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में और भी हैं, जिन्हें ज़रूर देखें।
फिल्म हंगामा, 2003
कास्ट: Akshaye Khanna, Paresh Rawal, Aftab Shivdasani
नाम से ही साफ है कि यह फिल्म पूरी तरह हंगामे से भरी हुई है। कहानी एक ऐसी लड़की से शुरू होती है जो शहर में नौकरी की तलाश में आती है, लेकिन हालात ऐसे बनते हैं कि लोग उसे किसी और समझने लगते हैं।
इसी बीच एक अमीर आदमी को अपनी पत्नी पर शक हो जाता है, दो लड़के उस लड़की के पीछे पड़ जाते हैं और छोटी-सी गलतफहमी इतनी बड़ी उलझन बन जाती है कि हर किरदार किसी न किसी मुसीबत में फंस जाता है। फिल्म की खासियत यही है कि हर सीन पिछले सीन से ज्यादा मजेदार हो जाता है।
फिल्म हलचल, 2004
कास्ट: Akshaye Khanna, Kareena Kapoor
यह फिल्म कॉमेडी के साथ-साथ एक प्यारी सी लव स्टोरी भी पेश करती है। कहानी दो ऐसे परिवारों की है जिनके बीच पीढ़ियों से दुश्मनी चली आ रही है। दोनों परिवार एक-दूसरे का चेहरा तक देखना पसंद नहीं करते।
लेकिन जब इन दुश्मन परिवारों के लड़का-लड़की एक-दूसरे के करीब आने लगते हैं, तो हालात अचानक बदलने लगते हैं। गलतफहमियां, छुप-छुपकर मिलना और परिवारों की जिद, इन सबके बीच फिल्म एक हल्की-फुल्की और मजेदार कहानी बन जाती है।
फिल्म मालामाल वीकली, 2006
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कास्ट: Paresh Rawal, Om Puri, Riteish Deshmukh
आप प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में कहें और इसका ज़िक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है? एक छोटे से गांव में रहने वाला लॉटरी एजेंट तब मुश्किल में पड़ जाता है जब उसे पता चलता है कि जिस आदमी ने लॉटरी जीती है, वह मर चुका है। अब समस्या यह है कि टिकट किसे मिले?
इसके बाद गांव के लोग उस टिकट को पाने के लिए तरह-तरह के जुगाड़ लगाते हैं। हर कोई अचानक लालची हो जाता है और छोटी-सी बात से बड़ी कॉमिक सिचुएशन पैदा हो जाती है। गांव की मासूमियत और इंसानी लालच, दोनों को फिल्म ने बड़े मजेदार अंदाज़ में दिखाया है।
फिल्म चुप चुप के, 2006
कास्ट: Shahid Kapoor, Kareena Kapoor, Suniel Shetty
यह फिल्म उन लोगों के लिए है जिन्हें सिचुएशनल कॉमेडी पसंद है। कहानी एक ऐसे लड़के की है जो कर्ज़ और जिंदगी की परेशानियों से तंग आकर घर छोड़ देता है।
हालात ऐसे बनते हैं कि उसे खुद को गूंगा होने का नाटक करना पड़ता है। लेकिन उसकी मुश्किल तब बढ़ जाती है जब वह एक ऐसे परिवार में पहुंच जाता है जहां की लड़की सच में बोल नहीं सकती। उसके झूठ को छुपाने की कोशिशें इतनी मजेदार हो जाती हैं कि दर्शक हंसी रोक ही नहीं पाते।
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फिल्म भागम भाग, 2006
कास्ट: Akshay Kumar, Govinda, Paresh Rawal
यह फिल्म नाम के मुताबिक ही पूरी तरह भागदौड़ से भरी हुई है। एक थिएटर ग्रुप के कलाकार लंदन पहुंचते हैं, जहां उन्हें एक लड़की की जरूरत होती है जो उनके नाटक में काम कर सके।
लेकिन कहानी अचानक मोड़ लेती है जब एक रहस्यमयी हत्या हो जाती है। इसके बाद पुलिस, गुंडे और कलाकार- सब एक-दूसरे के पीछे भागते नज़र आते हैं। फिल्म की रफ्तार इतनी तेज है कि दर्शकों को सोचने का मौका ही नहीं मिलता, बस हंसी आती रहती है।
फिल्म ढोल, 2007
कास्ट: Tusshar Kapoor, Sharman Joshi, Kunal Khemu
चार दोस्त जो जिंदगी में कुछ खास नहीं कर पा रहे, अचानक तय करते हैं कि अगर अमीर बनना है तो किसी अमीर लड़की से शादी करनी होगी। लेकिन उनका यह प्लान तब उलझ जाता है जब वे एक ऐसे मामले में फंस जाते हैं जिसमें मर्डर, पैसा और कई रहस्य छुपे होते हैं।
हर किरदार अपनी चाल चलने की कोशिश करता है, लेकिन आखिर में सब कुछ इतना उलझ जाता है कि हालात बेहद हास्यास्पद बन जाते हैं। प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में इसी तरह से थोड़ा कन्फ्यूजन तो कभी उलझन भरी सिचुएशन्स क्रिएट करती हैं, लेकिन इल-लॉजिकल कभी नहीं लगती हैं।
फिल्म भूल भुल्लैया, 2007

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कास्ट: Akshay Kumar, Vidya Balan
एक पुरानी हवेली, एक डरावनी कहानी और एक ऐसा डॉक्टर जो हर चीज को तर्क से समझाने की कोशिश करता है। बस यही इस फिल्म की जान है। जब एक महिला पर मंजुलिका नाम की आत्मा के साए का शक होने लगता है, तो रहस्य और गहरा होता जाता है।
फिल्म डर और कॉमेडी के बीच शानदार बैलेंस बनाती है। खासकर क्लाइमैक्स में कहानी जिस तरह खुलती है, वह इसे बाकी फिल्मों से अलग बना देता है।
फिल्म दे दना दन, 2009
कास्ट: Akshay Kumar, Suniel Shetty, Katrina Kaif
दो दोस्त अपने प्यार से शादी करना चाहते हैं, लेकिन गरीबी उनके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है। पैसे के इंतजाम के लिए वे एक अमीर आदमी के कुत्ते को किडनैप करने की योजना बनाते हैं।
लेकिन उनकी यह चाल इतनी बड़ी गड़बड़ी बन जाती है कि पांच-सितारा होटल में अजीब-ओ-गरीब घटनाओं की लंबी श्रृंखला शुरू हो जाती है। हर किरदार किसी न किसी गलतफहमी का शिकार होता है और यही फिल्म की असली कॉमेडी बन जाती है।
फिल्म खट्टा मीठा, 2010
कास्ट: Akshay Kumar, Trisha Krishnan
यह फिल्म प्रियदर्शन की कॉमेडी का थोड़ा अलग रूप दिखाती है, इसलिए इसे भी बेस्ट फिल्मों में शामिल किया जाता है। प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में इसी तरह से बहुत ज़्यादा सीरियस हुए हंसी के साथ सिस्टम पर व्यंग्य भी करती हैं।
यह कहानी एक छोटे ठेकेदार की है जो ईमानदारी से काम करना चाहता है, लेकिन भ्रष्टाचार और राजनीति उसे बार-बार परेशान करती है। सिचुएशन भले ही मजेदार हों, लेकिन फिल्म के अंदर एक सच्चाई भी छिपी है कि सिस्टम में ईमानदार रहना कितना मुश्किल हो सकता है।
कुल मिलाकर, अगर आपको कॉमेडी पसंद है, तो ये प्रियदर्शन की बेस्ट फिल्में आपके वीकेंड को मजेदार बना सकती हैं।
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