रिश्ते की नींव प्यार, भरोसे और समझ पर टिकी होती है। जब दो लोग साथ होते हैं, तो सिर्फ “मैं” नहीं बल्कि “हम” मायने रखता है। लेकिन अगर सेल्फिश पार्टनर हो तो?
हर इंसान कभी-कभी थोड़ा स्वार्थी हो सकता है, यह नॉर्मल है। लेकिन अगर यह बिहेवियर लगातार दिखने लगे, तो यह आपके रिलेशनशिप के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है।
अगर आपको भी कभी-कभी लगता है कि आपका पार्टनर सिर्फ अपनी ही दुनिया में रहता है, तो इन Warning Signs पर ध्यान देना ज़रूरी है।
1. फीलिंग्स नहीं समझता सेल्फिश पार्टनर
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एक अच्छे रिश्ते में पार्टनर आपकी बात सुनता है और आपकी भावनाओं को समझने की कोशिश करता है। लेकिन अगर आप अपनी परेशानी या दुख शेयर करें और सामने से जवाब मिले- “तुम ओवररिएक्ट कर रहे हो” या “इतनी-सी बात पर क्यों परेशान हो?” तो यह सिम्पैथी की कमी दिखाता है। बार-बार ऐसा हो, तो आप फिर पार्टनर से कुछ शेयर नहीं करते। यह सेल्फिश पार्टनर की निशानी है।
2. अपनी ज़रूरतों को Priority पर रखता है
रिश्ते में थोड़ा समझौता करना ज़रूरी होता है। लेकिन अगर हर फैसला सिर्फ आपके पार्टनर की पसंद के हिसाब से होता है, जैसे कहां जाना है, क्या करना है, किससे मिलना है, तो यह गलत है। एक हेल्दी रिश्ते में दोनों की पसंद और ज़रूरतों की इंपॉर्टेंस होनी चाहिए। अगर आपका पार्टनर सिर्फ अपनी ज़रूरतों को ऊपर रख रहा है, तो वो सेल्फिश पार्टनर है।
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3. अपनी गलती नहीं मानता सेल्फिश पार्टनर
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गलती हर इंसान से होती है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कौन उसे स्वीकार करता है और कौन उससे बचता है। अगर आपका पार्टनर हर बहस में आपको ही दोषी ठहराता है या अपनी जिम्मेदारी से बचता है, तो यह रिश्ते में टेंशन क्रिएट करता है। रिश्ते तब मजबूत होते हैं, जब दोनों लोग अपनी गलतियों से सीखने को तैयार हों।
4. इमोशनली दूर रहना
कभी-कभी स्पेस लेना जरूरी होता है, लेकिन अगर आपका पार्टनर आपको इमोशनल सपोर्च ही नहीं देता, तो भी वॉर्निंग साइन है। अगर आपका पार्टनर आपकी फीलिंग्स पर ध्यान नहीं देता या किसी सीरियस कॉन्वर्जेशन से बचता है, तो यह रिश्ते की गहराई को कम कर सकता है। समय के साथ यही दूरी रिलेशनशिप को ब्रेक करती है। यही सेल्फिश पार्टनर के वॉर्निग साइन्स में से एक है।
5. बातचीत में सिर्फ खुद की बातें करना
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कम्युनिकेशन रिश्ते की जान होता है। अगर आपका पार्टनर बातचीत के दौरान सिर्फ अपनी ही बात करता है। आपकी बातें बीच में काट देता है या आपकी राय को हल्का समझता है, तो यह भी सेल्फिश पार्टनर के साइन्स हैं। जब तक आप दोनों एक-दूसरे की बात सुनेंगे नहीं, समझेंगे नहीं, बॉन्ड स्ट्रॉन्ग नहीं होगा।
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इसके अलावा, एक पार्टनर ही हर वक्त अवेलेबल रहे, ऐसा नहीं हो सकता है। इस तरह से कभी भी किसी रिश्ते में विश्वास और कनेक्शन नहीं बनता है।
तो डियर लेडीज, अगर आपको लग रहा है ये साइन्स आपके पार्टनर में भी दिखते हैं, तो समझ लें कि आप एक गलत रिश्ते में हैं। ऐसे सेल्फिश पार्टनर के साथ रहना आपको मेंटली और इमोशनली ड्रेन करता है।
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