कभी ऐसा हुआ है कि आप एक टॉक्सिक रिलेशनशिप से दूसरे अनहेल्दी रिलेशनशिप में गई हैं? आपको लगता है कि आप अनलकी हैं, लेकिन इसकी वजह कुछ और हो सकती है। सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप इन अनहेल्दी और टॉक्सिक पैटर्न्स से खुद को बाहर निकालें।
ऐसे पैटर्न्स से बाहर निकलने के लिए आपको पहले अपने एक्शन्स की रिस्पॉन्सिबिलिटी लेना ज़रूरी है। जब तक आप अपने बिहेवियर पर काम नहीं करेंगी, तब तक ऐसे टॉक्सिक पैटर्न्स में फंसती रहेंगी। चलिए इस आर्टिकल में जानें कि आप किन कारणों से गलत रिश्तों में फंसती हैं और इस पैटर्न से बाहर कैसे निकला जा सकता है।
1. बचपन के ट्रॉमा के कारण
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बचपन में जो आपने देखा और महसूस किया, वही आपके रिलेशनशिप की फाउंडेशन बन जाती है। अगर आपने घर में टॉक्सिक बिहेवियर देखा है, चाहे वो पेरेंट्स के बीच झगड़े हों या इमोशनल नेग्लेक्ट, तो अनजाने में आप वैसे ही पार्टनर्स की तरफ आकर्षित होती हैं। आपका माइंड उसे ‘नॉर्मल’ मान लेता है क्योंकि यही टॉक्सिक पैटर्न्स आप बचपन से देखती आ रही हैं।
2. लो सेल्फ-एस्टीम और सेल्फ-वर्थ की कमी
जब आप खुद को वैल्यू नहीं देतीं, तो आप वो रिलेशनशिप एक्सेप्ट कर लेती हैं जो आप डिज़र्व नहीं करतीं। लो सेल्फ-एस्टीम की वजह से आप सोचती हैं “मुझे तो इतना ही मिलेगा” या “शायद मैं बेहतर के लायक नहीं हूं।” यह माइंडसेट आपको टॉक्सिक पार्टनर्स के पास ले जाता है जो आपकी इस कमज़ोरी का फायदा उठाते हैं।
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3. अकेले रहने के डर के कारण
अकेले रहने का डर बहुत से लोगों को गलत रिलेशनशिप में बांधे रखता है। आप सोचती हैं कि कोई भी रिलेशनशिप न होने से बेहतर यही है। यह फियर इतना स्ट्रॉन्ग होता है कि आप रेड फ्लैग्स को इग्नोर कर देती हैं और टॉक्सिक बिहेवियर को जस्टिफाई करने लगती हैं। अकेले रहने के डर के कारण आप बार-बार अनहेल्दी और टॉक्सिक पैटर्न्स का हिस्सा बन जाती हैं।
4. पीपल-प्लीजिंग नेचर के कारण
अगर आपकी आइडेंटिटी दूसरों को खुश करने में ही सिमट गई है, तो यह प्रॉब्लम है। कोडिपेंडेंट लोग अपनी ज़रूरतों को इग्नोर करके दूसरों की केयर करते रहते हैं। आप अपने पार्टनर को ‘फिक्स’ करने की कोशिश करती रहती हैं, उम्मीद में कि वो बदल जाएगा।
5. अटैचमेंट इश्यूज़ के कारण

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कई बार हम लगातार वैलिडेशन और रीअश्योरेंस की चाह में होते हैं। हमारे अटैचमेंट इश्यूज़ इतने बढ़ जाते हैं कि उनकी वजह से हम टॉक्सिक रिलेशनशिप में अटके रहते हैं। इससे आप ऐसे पार्टनर्स को अट्रैक्ट करती हैं जो इमोशनली अवेलेबल नहीं हैं और फिर एक चेज़िंग पैटर्न शुरू हो जाता है।
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इन अनहेल्दी और टॉक्सिक पैटर्न्स को तोड़ने के तरीके क्या हैं?
- थेरेपी और काउंसलिंग आपकी मदद कर सकती है। प्रोफेशनल हेल्प लेना कोई कमज़ोरी नहीं है। एक थेरेपिस्ट आपको अपने पैटर्न्स समझने और उन्हें बदलने में मदद कर सकता है।
- अपने पिछले रिलेशनशिप्स को एनालाइज़ करें। कॉमन पैटर्न्स क्या थे? आप किस तरह के लोगों की तरफ आकर्षित होती हैं? यह समझना ज़रूरी है।
- हेल्दी बाउंड्रीज़ सेट करना और उन पर टिके रहना सीखें। ‘नो’ कहना सीखें और अपनी नीड्स को प्रायोरिटी दें।
- सबसे पहले खुद से प्यार करना सीखें। ध्यान रखें कि आप इंपॉर्टेंट हैं। अपनी अचीवमेंट्स सेलिब्रेट करें, अपनी केयर करें और अपनी वैल्यू को रिकग्नाइज़ करें।
- एक रिलेशनशिप से दूसरे में जंप न करें। अकेले रहने का टाइम लें, खुद को हील करें और समझें कि आप रियली क्या चाहती हैं।
याद रखें, चेंज रातोंरात नहीं होता। पेशेंस और कंसिस्टेंसी के साथ आप इन टॉक्सिक पैटर्न्स से बाहर निकल सकती हैं और एक हेल्दी, हैप्पी रिलेशनशिप पा सकती हैं।
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