हम महिलाएं हर महीने 5-7 दिन बेहद दर्द और मूड स्विंग्स से गुजरती हैं। ऐसा कहा जाता है कि पीरियड हमारी सेहत का आईना है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि पीरियड ब्लड का कलर आपकी सेहत के बारे में बहुत कुछ बता सकता है? जी हां, पीरियड्स के दौरान खून का रंग सिर्फ एक नॉर्मल बात नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर में हो रही एक्टविटीज और हार्मोनल बैलेंस का रिपोर्ट कार्ड है। कभी गहरा लाल, कभी भूरा, तो कभी हल्का गुलाबी… ये सभी रंग अलग-अलग हेल्थ कंडीशन की ओर इशारा कर सकते हैं। आइए इस आर्टिकल में समझते हैं कि पीरियड ब्लड का कलर अगर अलग हो, तो उसका क्या मतलब है और कब आपको असल में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
पीरिडय ब्लड का कलर है अगर रेड
Image Source
अगर आपके पीरियड्स का रंग रेड है, तो यह नॉर्मल और हेल्दी साइन माना जाता है। यह रंग बताता है कि खून ताजा है और तेजी से बाहर निकल रहा है। आमतौर पर पीरियड्स के शुरुआती दिनों में या जब फ्लो हैवी होता है, तब यह रंग दिखाई देता है। यह साइन है कि आपका यूट्रस ठीक तरह से काम कर रहा है।
डार्क रेड कलर हो तो…
पीरियड्स के आखिरी दिनों में या सुबह उठने पर अक्सर खून का रंग गहरा लाल हो जाता है। यह भी पूरी तरह नॉर्मल है। जब खून थोड़ी देर यूट्रस में रुकता है, तो ऑक्सीजन के कॉन्टैक्ट में आकर उसका रंग गहरा हो जाता है। हालांकि, अगर शुरुआत से ही खून बहुत गहरा है और साथ में बड़े क्लॉट्स आ रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
ब्राउन या भूरा रंग
Image Source
भूरा रंग अक्सर पीरियड्स के खत्म होने पर दिखता है। इसका मतलब है कि यह पुराना खून है, जो धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है। कई बार पिछली मेंस्ट्रुअल साइकिल का बचा हुआ खून भी अगली बार भूरे रंग में निकल सकता है। यह भी आम तौर पर चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर आपकी साइकिल के दौरान यह रंग बना हुआ है, तो हार्मोनल इम्बैलेंस हो सकता है। ऐसे में अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह ले सकती हैं।
हल्का लाल हो पीरियड का कलर तब…
हल्का लाल या गुलाबी रंग का मतलब है कि खून में सर्वाइकल फ्लूइड या वजाइनल डिस्चार्ज मिला हुआ है, जिससे खून पतला हो गया है। यह लाइट फ्लो के दौरान आम है। हालांकि, अगर लगातार पिंक कलर दिखे और फ्लो बहुत कम है, तो यह एनीमिया, हार्मोनल इम्बैलेंस या पोषण की कमी का साइन है। ऐसे में अपनी डाइट में आयरन और विटामिन्स बढ़ाएं।
आरेंज रंग
Image Source
इंफेक्शन के दौरान पीरियड ब्लड का कलर अलग हो सकता है। अगर ऐसे में आपकी वेजाइना में खजली होती है या गंध आ रही हो, तो यह वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है। कभी-कभी यह रंग भी खून में सर्वाइकल म्यूकस मिलने से आता है, लेकिन अगर कोई और लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
इसके अलावा, अगर बैक्टीरियल वेजिनोसिस या STI हुआ हो, तो भी पीरियड ब्लड का कलर अलग हो सकता है। अगर ग्रे या ब्लैक जैसा रंग दिखे और इसके साथ आपको बुखार या पेट दर्द हो, तो बिना देरी किए गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
डॉक्टर से मिलना कब है जरूरी?
- अगर पीरियड ब्लड का कलर अचानक से किसी महीने बदल जाए या अक्सर पीरियड्स के बाद आपको बुखार आए, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
- वेजाइना मे खुजली हो या लगातार बदबू आती रहे। साथ ही, ब्लीडिंग ज्यादा हो और लंबे समय तक चले।
- पीरियड्स रुक-रुककर हों या फिर क्लॉटिंग दिखे।
ध्यान रखें कि पीरियड ब्लड का कलर आपकी सेहत का एक इंपॉर्टेंट इंडिकेटर है। इसे नजरअंदाज़ बिल्कुल न करें और अपनी बॉडी के साथ कनेक्टेक्ड रहें।
फीचर्ड इमेज सोर्स