आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं को कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। ऐसे में PCOS ऐसी समस्या है जिससे हर 10 में से 1 लड़की गुजरती है। यह एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ शरीर को ही नहीं बल्कि मन को भी प्रभावित करती है। खराब जीवनशैली से PCOS और ज़्यादा ट्रिगर होता है।
मगर क्या इसे रिवर्स करने का कोई तरीका है? क्या कोई ऐसे टिप्स हैं जिनसे इसे कंट्रोल किया जा सकता है। जी हां, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट Dr. Dixa Bhavsar Savaliya बताती हैं कि अपने हार्मोन्स को बैलेंस किया जा सकता है। Dr. Dixa सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और वो अपने एक्सपर्टीज से कई महिलाओं के हार्मोनल प्रॉब्लम्स का इलाज कर चुकी हैं।
अपन एक पोस्ट में उन्होंने महिलाओं के कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम्स पर बात की और उससे निपटने के टिप्स भी सुझाए हैं। चलिए डॉ. दीक्षा से जानते हैं PCOS को कैसे टैकल किया जा सकता है।
PCOS आखिर है क्या?
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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome) एक हार्मोनल प्रॉब्लम है जो महिलाओं को होती है। इसमें ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं और शरीर में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है। आयुर्वेद के हिसाब से, पीसीओएस कफ दोष और अमा (शरीर में जमी गंदगी) के कारण होता है।
क्या हैं PCOS के लक्षण?
पीसीओएस को पहचानना आसान है। इसके मेन लक्षण हैं-
- पीरियड्स का समय पर न आना या बंद हो जाना
- चेहरे पर ज्यादा बाल होना
- मुंहासे होना
- वजन बढ़ना खासकर पेट के आसपास
- हेयर फॉल ज़्यादा होना
- त्वचा का रंग काला पड़ना
- प्रेग्नेंट होने में दिक्कतें। इसके अलावा कई बार मूड खराब रहना और डिप्रेशन भी लक्षण हो सकते हैं।
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PCOS से निपटने के लिए आयुर्वेदिक टिप्स
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भवसार सावालिया कहती हैं कि PCOS को नेचुरल तरीके से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कुछ बेहतरीन उपाय बताए हैं जो हार्मोन बैलेंस करने में मदद कर सकते हैं-
खाने में क्या खाएं और क्या नहीं?
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- PCOS में खाने का बहुत बड़ा रोल है। डॉ. दीक्षा बताती हैं कि घर का बना ताजा, हल्का और गर्म खाना ही खाना चाहिए।
- ठंडा खाना, पैकेट का खाना और कच्ची चीजें न खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि पीसीओएस कफ और अमा के कारण बढ़ता है और ठंडा व भारी खाना इन्हें और बढ़ाता है।
- घर का गर्म खाना पाचन को मजबूत करता है और शरीर की गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है।
एक्सरसाइज और योग जरूर करें
- जिम में हैवी एक्सरसाइज करने की जगह हल्की एक्सरसाइज करें।
- रोज वॉकिंग करें, सूर्य नमस्कार करें और योग करें। इससे इंसुलिन लेवल सही रहता है और ओव्युलेशन भी सही से होता है।
- सूर्य नमस्कार खास तौर पर फायदेमंद है क्योंकि यह पूरे शरीर को एक्टिव करता है और हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है।
सीड साइक्लिंग का जादू
- डॉ. दीक्षा एक खास आयुर्वेदिक तरीका बताती हैं जिसे सीड साइक्लिंग कहते हैं। इसके मुताबिक, साइकिल के पहले हाफ में फ्लैक्स सीड और पंपकिन सीड्स खाने चाहिए। ये एस्ट्रोजन को बैलेंस करते हैं।
- साइकिल के दूसरे हाफ में तिल और सनफ्लावर सीड्स लेने चाहिए। ये प्रोजेस्टेरोन को सही रखते हैं। यह नेचुरल तरीका हार्मोन को बैलेंस करने में बहुत काम का है।
पीसीओएस को ठीक करने के लिए टेंशन कम करना भी जरूरी है। मेडिटेशन करें, प्राणायाम करें और अच्छी नींद लें। इससे शरीर को आराम मिलता है। खूब पानी पिएं और पैकेट वाला खाना, चीनी और मैदा से दूर रहें।
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