क्या आपने कभी सोचा है कि पीरियड्स के दौरान अचानक चॉकलेट खाने का मन क्यों करता है? या फिर नमकीन चिप्स के बिना चैन क्यों नहीं मिलता? ये सिर्फ आपकी मनमर्जी नहीं है, बल्कि आपके शरीर का एक मैसेज है जो आपके शरीर की जरूरतें बताता है। पीरियड क्रेविंग्स केवल भूख नहीं हैं। ये पैटर्न है, जिसे अगर आप नोटिस करें, तो आप अपनी हेल्थ का ख्याल रख सकती हैं।
अचानक आपको चॉकलेट या चिप्स खाने का मन क्यों करता है, आइए इस आर्टिकल में जानें। अपनी पीरियड क्रेविंग्स को बेहतर ढंग से जानें और अपना ख्याल रखें।
क्यों करता है चॉकलेट खाने का मन?
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अगर पीरियड्स के दौरान आपका दिल चॉकलेट खाने का करता है, तो समझ जाइए कि आपके शरीर को मैग्नीशियम की सख्त ज़रूरत है। मेंस्ट्रुएशन के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण मैग्नीशियम का लेवल गिर जाता है, जिससे मूड स्विंग्स, थकान और क्रैम्प्स होते हैं। चॉकलेट, खासकर डार्क चॉकलेट, मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। साथ ही, इसमें मौजूद सेरोटोनिन आपके मूड को बेहतर बनाता है।
क्या करें: चॉकलेट हमेशा डार्क (70% या उससे ज्यादा कोको) चुनें। इसके अलावा, बादाम, काजू, पालक और केले भी मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स होते हैं।
क्यों होता है नमकीन चीजे़ं खाने का मन?
अगर आप फ्रेंच फ्राइज़, चिप्स या अचार के बिना रह नहीं पा रही हैं, तो ये साइन है कि आपके शरीर में सोडियम या आयरन की कमी हो सकती है। पीरियड्स के दौरान ब्लड लॉस के कारण आयरन लेवल गिरता है और शरीर कभी-कभी नमक के जरिए इसे कंपनसेट करने की कोशिश करता है। हालांकि, ज्यादा नमक वॉटर रिटेंशन और ब्लोटिंग बढ़ा सकता है।
क्या करें: पीरियड क्रेविंग्स के दौरान नमकीन स्नैक्स की जगह आयरन-रिच फूड्स जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार और गुड़ खाएं। अगर नमकीन ही खाना है तो रोस्टेड मखाने या नट्स चुनें।
मीठा खाने का मन करने लगे तो
केक, मिठाई, या कोल्ड ड्रिंक की क्रेविंग आपके हार्मोन्स के कारण होती है। पीरियड्स से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में उतार-चढ़ाव के कारण ब्लड शुगर अनियमित हो जाता है और शरीर तुरंत एनर्जी के लिए मीठा मांगता है। साथ ही, मीठा खाने से ब्रेन में सेरोटोनिन (happy hormone) रिलीज़ होता है, जो कुछ देर के लिए मूड अच्छा कर देता है।
क्या करें: अगर पीरियड क्रेविंग्स के दौरान आपको ऐसा कुछ खाने का मन करें, तो रिफाइंड शुगर की जगह फल, खजूर, शहद या गुड़ वाली चीजें खाएं। स्मूदी या फ्रूट चाट बेहतरीन ऑप्शन हैं जो पोषण भी देते हैं।
कार्ब्स की क्रेविंग हो तो
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पास्ता, ब्रेड, पराठे या चावल खाने का मन हो रहा है? ये बिल्कुल नॉर्मल है। पीरियड्स के दौरान बॉडी का मेटाबॉलिज्म थोड़ा तेज हो जाता है और आपको ज्यादा कैलोरीज़ की ज़रूरत होती है। कार्बोहाइड्रेट्स क्विक एनर्जी देते हैं, इसलिए शरीर इन्हें मांगता है।
क्या करें: सिंपल कार्ब्स (मैदा, चीनी) की जगह कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, रागी और मल्टीग्रेन ब्रेड चुनें। ये लंबे समय तक एनर्जी देते हैं और ब्लड शुगर को भी स्टेबल रखते हैं।
चिकन खाने की क्यों होती है क्रेविंग?
अंडे, चिकन, दाल या पनीर खाने का करता है मन? अगर ऐसा है, तो आपका शरीर खुद को रिपेयर करने की कोशिश कर रहा है। पीरियड्स के दौरान टिशू लॉस होता है और प्रोटीन इसे रिस्टोर करने में मदद करता है। साथ ही, प्रोटीन क्रेविंग्स को कंट्रोल करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। ऐसी पीरियड क्रेविंग्स होना आपके लिए अच्छा है।
क्या करें: हर मील में प्रोटीन शामिल करें। दाल, दही, पनीर, अंडे, चिकन, या फिर प्लांट-बेस्ड सोर्स जैसे चना, राजमा और सोया ले सकते हैं।
पीरियड क्रेविंग्स आपकी कमजोरी नहीं, बल्कि आपके शरीर के जरूरी संकेत हैं। इससे पता चलता है कि आपको किन पोषक तत्वों की ज़रूरत है। अब अगली बार ऐसी क्रेविंग्स हों, तो सिर्फ खाने की बजाय शरीर की ज़रूरतों पर अच्छे से ध्यान दें।
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