महिलाओं का शरीर हर महीने कई हार्मोनल बदलावों से गुजरता है। यही वजह है कि कभी अचानक थकान महसूस होती है, कभी मूड अच्छा रहता है तो कभी चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। अक्सर हम इन बदलावों को समझ नहीं पाते, लेकिन सच यह है कि menstrual cycle हमारे शरीर और मन दोनों को प्रभावित करती है। यहीं से menstrual cycle diet का कॉन्सेप्ट सामने आता है।
क्या आपको पता है कि पीरियड साइकिल के अलग-अलग फ़ेज़ के हिसाब से आपको डाइट बदलनी चाहिए? एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर महिलाएं अपनी साइकिल के अनुसार सही menstrual cycle diet अपनाएं, तो PMS के लक्षण कम हो सकते हैं, दर्द में राहत मिल सकती है और मूड भी बेहतर हो सकता है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और जानी-मानी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर Dr. Dixa Salviya Bhavsar बताती हैं कि एक menstrual cycle 23 से 35 दिनों के बीच होती है और इसे तीन मेन phases में बांटा जाता है: फॉलिक्युलर, ओव्यूलेशन और ल्यूटियल। हर phase में शरीर की ज़रूरतें अलग होती हैं, इसलिए menstrual cycle diet में भी थोड़ा बदलाव ज़रूरी होता है।
फॉलिक्युलर फ़ेज़ (Follicular Phase)
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यह फ़ेज़ पीरियड्स के पहले दिन से शुरू होता है और लगभग 14 दिनों तक चलता है। इस दौरान शरीर में हार्मोन का लेवल धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।
इस फ़ेज़ में क्या खाएं?
इस समय सही menstrual cycle diet में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की मात्रा बढ़ाना फायदेमंद माना जाता है। इस समय इन चीज़ों को डाइट में शामिल करें-
- अंडे, दालें और पनीर जैसे प्रोटीन
- एवोकाडो, नट्स और सीड्स जैसे हेल्दी फैट्स
- साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर फूड
- दही और अन्य फर्मेंटेड फूड
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ओव्यूलेशन फ़ेज़ (Ovulation Phase)
यह फ़ेज़ आमतौर पर साइकिल के 11 से 16वें दिन के आसपास आता है। इस समय शरीर में एस्ट्रोजन और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे एग्स रिलीज होते हैं। इस समय कई महिलाएं पेट में दर्द, ब्लोटिंग और इन्फ्लेमेशन से पीड़ित रहती हैं।
इस फ़ेज़ में क्या खाएं?
ओव्यूलेशन के दौरान menstrual cycle diet में हल्का लेकिन न्यूट्रिशन से भरपूर खाना शामिल करना चाहिए।
- क्विनोआ और कॉर्न जैसे हल्के अनाज
- पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां
- टमाटर और लाल शिमला मिर्च
- स्ट्रॉबेरी और रसभरी जैसे बेरीज
- ये फूड्स एंटी-इन्फ्लेमेटरी होते हैं और शरीर को ज़रूरी विटामिन व मिनरल्स देते हैं।
ल्यूटियल फ़ेज़ (Luteal Phase)
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ओव्यूलेशन के बाद शुरू होने वाला यह फ़ेज़ साइकिल के एंड तक चलता है। इस दौरान एस्ट्रोजन कम हो जाता है और प्रोजेस्टेरोन बढ़ जाता है। यही वह समय होता है जब कई महिलाओं को बहुत ज़्यादा थकान या मीठा खाने की क्रेविंग महसूस हो सकती है।
इस फ़ेज़ में क्या खाएं?
- शकरकंद जैसी रूट वेजिटेबल्स
- ब्राउन राइस और साबुत अनाज
- पालक, एवोकाडो और एस्पैरागस
- नट्स और सीड्स
- इनमें मौजूद B-विटामिन और मिनरल्स PMS के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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सही menstrual cycle diet अपनाने से आपकी एनर्जी, मूड और ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर हो सकती हैं।
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