जब मेरी मेंस्ट्रुएशन साइकिल शुरू हुई थी, तब मैं अक्सर चिड़चिड़ी रहती थी। कभी रोना आता था, कभी गुस्सा और समझ नहीं आता था कि ऐसा क्यों हो रहा है। तब उस दौरान मेरी मां ने बताया था कि ऐसे में हर लड़की PMS से गुजरती है। कई लड़कियों के साथ ऐसा होता है।
PMS में अचानक से मीठा खाने का बहुत मन करता है? नींद नहीं आती और न जाने क्या-क्या होता है। दुनियाभर में करीब 75% महिलाएं PMS यानी प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम से गुजरती हैं। यह पीरियड्स से पहले का वह समय होता है जब शरीर और मन दोनों में कई तरह के बदलाव महसूस होते हैं। आइए समझते हैं कि आखिर PMS है क्या और इसे कैसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
PMS क्या है?
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PMS यानी Premenstrual Syndrome एक ऐसी कंडीशन है जो आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने से 7 से 10 दिन पहले शुरू हो जाती है। यह हार्मोनल बदलाव की वजह से होती है, जब शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के लेवल में उतार-चढ़ाव आता है। पीरियड्स शुरू होते ही आमतौर पर ये लक्षण अपने आप ठीक हो जाते हैं।
क्या होते हैं PMS के मुख्य लक्षण?
PMS के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। इसके कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
शारीरिक लक्षण:
- पेट में सूजन और भारीपन महसूस होना
- ब्रेस्ट्स में दर्द होना
- सिरदर्द या माइग्रेन
- शरीर में दर्द और थकान
- मुंहासे निकलना
- कब्ज या दस्त की समस्या
मेंटल और बिहेवियरल लक्षण:
- मूड स्विंग्स यानी मूड का अचानक बदलना
- चिड़चिड़ापन और गुस्सा
- उदासी या रोने का मन करना
- फोकस करने में कमी
- नींद की कमी
- स्ट्रेस और एंग्जायटी
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PMS को मैनेज करने के आसान तरीके

1. डाइट में करें बदलाव
- क्या आपको पता है कि आपकी डाइट PMS पर कितना असर डालती है? अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, और दालें शामिल करें।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम रिच फूड्स जैसे दही, बादाम और केले खाएं।
- नमक, कैफीन और मीठे की अधिक मात्रा लेने से बचें क्योंकि ये सूजन और मूड स्विंग्स बढ़ा सकते हैं।
2. एक्सरसाइज़ करना है ज़रूरी
हफ्ते में कम से कम 30 मिनट रोजाना वॉकिंग, योगा या कोई भी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें। इससे एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज़ होता है जो मूड को बेहतर बनाता है और दर्द को कम करता है।
3. पर्याप्त नींद लें
- रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन और थकान बढ़ सकती है।
- हर रात एक सेट टाइम पर सोने और उठने की आदत बनाएं।
- सोने से एक घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बना लें क्योंकि इनकी स्क्रीन की ब्लू लाइट नींद खराब करती है।
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4. पानी खूब पिएं
- दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और सूजन कम करने में मदद करता है।
- पानी पीने से ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या भी कम होती है।
- अगर सादा पानी बोरिंग लगता है तो उसमें नींबू, पुदीना या खीरा डालकर पी सकती हैं। नारियल पानी और ताजे फलों का जूस भी अच्छे ऑप्शन्स हैं।
अगर आपको लगता है कि PMS के कारण आप अपनी एक्टिविटीज़ ढंग से नहीं कर पा रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।
PMS एक आम समस्या है लेकिन इसे सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है। याद रखें, अपने शरीर को समझें और उसकी ज़रूरतों का ख्याल रखें।
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