पहले मुझे लगता था कि खाने के बारे में सिर्फ मैं ही सोचती हूं। मगर फिर एक रोज़ मैंने एक स्टडी पड़ी, जिसमें लिखा था कि महिलाओं की क्रेविंग्स ज़्यादा होती हैं। उन्हें भूख बहुत ज़्यादा लगती है। जी बिल्कुल, साइंस के मुताबिक, यह बिल्कुल सच है। महिलाओं को पुरुषों से ज़्यादा भूख लगती है।
यह कोई मिथक नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई शारीरिक, सामाजिक और मानसिक वजहें हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज़्यादा भूख क्यों लगती है?
दिमाग के अलग तरीके से फंक्शन करने के कारण
अमेरिका की ब्रुकहेवन नेशनल लैबोरेटरी की रिसर्च से पता चला है कि पुरुष और महिलाओं का दिमाग खाने को लेकर अलग-अलग तरीके से काम करता है। इस रिसर्च में PET स्कैन से 13 महिलाओं और 10 पुरुषों के दिमाग को एनलाइज किया गया। साइंटिस्ट्स ने पाया कि जब लोगों को उनकी फेवरेट चीज़ें दिखाई गईं और उनसे भूख को कंट्रोल करने को कहा गया, तो पुरुषों के दिमाग में उस फंक्शन एक्टिविटी कम हो गई, जो भूख को ट्रिगर करता है। लेकिन महिलाओं के साथ ऐसा नहीं हुआ।
महिलाओं ने यह बताया कि उन्हें कम भूख लग रही है, लेकिन उनके दिमाग के वो हिस्से जो खाने की इच्छा को कंट्रोल करते हैं, उतने ही एक्टिव थे। मतलब साफ है कि महिलाओं के लिए भूख पर काबू पाना शरीर के हिसाब से ज़्यादा मुश्किल होता है। यही कारण है कि महिलाओं की क्रेविंग्स कंट्रोल नहीं हो पाती हैं।
हॉर्मोन्स के असर के कारण

महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स में बदलाव होते रहते हैं। पीरियड्स के दौरान शरीर में हॉर्मोन्स की मात्रा बढ़ती-घटती रहती है, जो सीधे भूख को बढ़ाता या घटाता है। खासकर ओव्यूलेशन के बाद और पीरियड्स से पहले के दिनों में महिलाओं को काफी ज़्यादा भूख लगती है। प्रेग्नेंसी और बच्चे को दूध पिलाने के समय तो शरीर को एक्स्ट्रा खाने की ज़रूरत होती ही है। ऐसे में महिलाओं की क्रेविंग्स बढ़ जाती है।
खाने की आदतों में फर्क
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च बताती है कि महिलाओं को पूरे दिन भर एक जैसी भूख लगती रहती है, जबकि पुरुषों को रात के खाने से पहले सबसे ज़्यादा भूख लगती है। महिलाएं बार-बार कुछ न कुछ खाती रहती हैं और कई बार अपनी फीलिंग्स की वजह से भी खा लेती हैं। रिसर्च से यह भी पता चला है कि महिलाएं पुरुषों से ज़्यादा खाने को लेकर उलझन में रहती हैं। महिलाओं की क्रेविंग्स ऐसी होती हैं कि उन्हें अक्सर कुछ चटपटा और मज़ेदार खाने का मन करता है, लेकिन वे ये सोचती ज़्यादा हैं कि उन्हें ऐसा कुछ खाना चाहिए भी या नहीं।
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भूख को कंट्रोल करने के खास 5 टिप्स
अगर आप भी बार-बार लगने वाली भूख से परेशान हैं, तो ये 5 टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं:
1. प्रोटीन वाला नाश्ता जरूर करें
सुबह का नाश्ता दिन का सबसे अहम खाना होता है और इसे प्रोटीन से भरपूर बनाना बहुत जरूरी है। अंडे, दही, पनीर, स्प्राउट्स, दालों का चिल्ला या बेसन का चिल्ला खाएं। प्रोटीन धीरे-धीरे पचता है, इसलिए आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
2. खूब पानी पिएं

हमारा शरीर कई बार प्यास को भूख समझ लेता है। इसलिए दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना बहुत जरूरी है। खाने से 15-20 मिनट पहले एक गिलास पानी पी लें, इससे पेट थोड़ा भर जाता है और आप ज़रूरत से ज़्यादा नहीं खाते।
3. फाइबर वाली चीज़ें खाएं
फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने का सबसे अच्छा तरीका है। फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, ओट्स, ब्राउन राइस, दालें और सलाद अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इससे ब्लड शुगर को भी कंट्रोल में रखता है, जिससे अचानक से भूख नहीं लगती। एक प्लेट में आधा हिस्सा सब्जियों का होना चाहिए।
4. अच्छी नींद लें

नींद और भूख का बहुत गहरा कनेक्शन है। जब आप कम सोते हैं (6 घंटे से कम), तो शरीर में घ्रेलिन नाम का हॉर्मोन बढ़ जाता है जो भूख बढ़ाता है। साथ ही लेप्टिन हॉर्मोन कम हो जाता है जो पेट भरा होने का सिग्नल देता है। इसलिए रोज़ 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है। कम सोने से आप दिन भर थके-थके रहते हैं और एनर्जी के लिए बार-बार खाते हैं, खासकर मीठा और जंक फूड।
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5. स्ट्रेस को मैनेज करें
टेंशन या स्ट्रेस में हमारे शरीर में कोर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ जाता है, जो भूख बढ़ाता है और खासकर मीठे और तले-भुने खाने की क्रेविंग करवाता है। इसे ‘इमोशनल ईटिंग’ या ‘स्ट्रेस ईटिंग’ कहते हैं। इससे बचने के लिए रोज़ 15-20 मिनट योग, मेडिटेशन या गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें। सुबह या शाम को 30 मिनट वॉक या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।
महिलाओं की क्रेविंग्स या ज़्यादा भूख लगना सिर्फ एक शारीरिक बात नहीं है, बल्कि इसमें शरीर और दिमाग का मिला-जुला रोल है, इसलिए कभी क्रेविंग्स हों, तो खुद पर हार्श न हों, बल्कि उन्हें समझने की कोशिश करें।
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