क्या आपने ‘तेरे इश्क़ में’ फिल्म देख ली है? अगर नहीं, तो मैं आपको एक लाइन में उसके कैरेक्टर्स के बारे में बता देती हूं। एक हीरो है जिसे एक्स्ट्रीम Anger Issues हैं और एक हीरोइन है जो Selfish or Self-centered है। फिल्म देखकर मुझे जितना टॉक्सिक धनुष का कैरेक्टर लगा, उससे कहीं ज्यादा टॉक्सिक कीर्ति सैनन का कैरेक्टर था। जी जी, बिल्कुल! इस फिल्म को देखने के बाद मुझे महसूस हुआ कि हम बॉलीवुड के Chauvinist और Toxic कैरेक्टर्स पर बात करते हैं, लेकिन Toxic Bollywood Female Characters को कहीं न कहीं भूल जाते हैं।
कमाल की बात यह है कि बॉलीवुड ने जिस तरह से हमें Narcissict, Chauvinist, Misogynist जैसे कैरेक्टर्स से रूबरू करवाया है, वैसे ही कई सारे सेल्फ-सेंटर्ड, कंट्रोलिंग और मैनिपुलेटिंग फीमेल कैरेक्टर्स भी दिए। कीर्ति की फिल्म देखने के बाद वो सारे कैरेक्टर्स एक-एक करके मेरी आंखों के आगे आते गए और मुझे लगा कि आपको भी एक बार उन यादगार रोल्स की याद दिलाऊं। चलिए इस आर्टिकल में एक-एक करके उन Toxic Female Characters को थोड़ा-सा एनलाइज करें और उन पर चर्चा करें।
मुक्ति बेनिवाल, तेरे इश़्क में
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अब इस कैरेक्टर के बारे में मैं जितना बोलूं शायद कम है। हो सकता है कि मेरी सखियां इससे इतर राय रखें, लेकिन मेरे लिए कीर्ति का कैरेक्टर टॉक्सिक था। फिल्म में शंकर मुक्ति के इश़्क में सारी हदें पार कर देता है, लेकिन मुक्ति कन्फ्यूज़ है वह Denial में है कि उसे शंकर जैसे लड़के से प्यार नहीं हो सकता। मगर अचानक इंटरवल के बाद उसे एहसास होता है कि वह शंकर से प्यार करती है। मूवी के अंत में वह शंकर को उसकी ड्यूटी करने से रोकती है। उसे इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश करती है। कहीं न कहीं, वो शंकर के इश़्क फायदा उठाती है। यही कारण है कि मेरे लिए यह कैरेक्टर सेल्फ-सेंटर्ड, सेल्फिश और टॉक्सिक है।
सफीना, गली बॉय
मेरे लिए फिल्म ‘गली बॉय’ रणवीर सिंह की बेस्ट फिल्म थी। इसमें रणवीर और आलिया दोनों की बिंदास एक्टिंग थी। दोनों ने अपने कैरेक्टर में जान डाल दी। मगर इस फिल्म में सफीना की किरदार निभाने वाली आलिया भट्ट का टॉक्सिक कैरेक्टर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वह मुराद से प्यार ही नहीं करती, मुराद उसका Obsession है। वह मुराद के सपने और करियर को पूरा सपोर्ट करती है, लेकिन उसका ऑब्सेसिव प्यार का कोई अंत नहीं है। मुराद से कोई भी लड़की बात करे उसे अच्छा नहीं लगता। उसका ऑब्सेशन ऐसा है कि वह दूसरों को अटैक करने से भी नहीं डरती। वह पहले अपनी क्लासमेट के साथ मारपीट करती है और फिर मुराद की दोस्त पर हमला करती है। ब्रेकअप के बाद, मुराद को पाने के लिए वह झूठ का सहारा लेती है। इसलिए, सफीना मेरे लिए तो बिल्कुल टॉक्सिक कैरेक्टर है।
तनु, तनु वेड्स मनु
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तनु वेड्स मनु के दोनों पार्ट्स मुझे बेहद अच्छे लगे। बस जो अच्छा नहीं लगा, वो तनु का इंपल्सिव बिहेवियर। कंगना का कैरेक्टर एक ऐसी लड़की था जो काफी बोल्ड है और अपने मन की करने में नहीं घबराती। यह अच्छी बात है, लेकिन इसके चलते दूसरों की फीलिंग्स को ठेस पहुंचाान मुझे गलत लगता है। फिल्म के पहले भाग में वह अपने पेरेंट्स को परेशान करती है। आर.माधवन यानी मनु को शादी के लिए रिजेक्ट कर देती है, लेकिन फिर भी मनु को अपनी शादी की तैयारियों में मदद करने के लिए कहती है। दूसरे भाग में भी वह कुछ इसी तरह की हरकत करती है और फिर एक बार कई सारे लोगों की फीलिंग्स को ठेस पहुंचाती है।
जोया, रांझना
रांझना फिल्म में जोया का किरदार सोनम कपूर ने निभाया है। फिल्म में जोया और कुंदन की अधूरी लव स्टोरी है। कुंदन एक स्टॉकर है, जो जोया के प्यार में पागल है। बचपन से उसके दिल में सिर्फ जोया है। दूसरी तरफ जोया है, जिसे बचपन में तो कुंदन से लगाव था, लेकिन जवानी में उसकी लाइफ में कोई और आ चुका है। जोया जानती है कि कुंदन उसे पसंद करता है और वह उसे रिजेक्ट करने के बाद भी उससे फेवर्स लेती है। वह न सिर्फ कुंदन की फीलिंग्स का फायदा उठाती है, बल्कि आखिर में ब्लेम भी उसे करती है। इसलिए, ये दोनों ही कैरेक्टर्स मेरी नज़र में बराबर टॉक्सिक हैं।
इसके अलावा भी ऐसे कई Toxic Bollywood Female Characters हैं, जो बॉलीवुड ने हमें दिए हैं। आपकी नज़र में सबसे ज्यादा टॉक्सिक कौन है, हमें जरूर बताएं।
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