होली का त्योहार रंगों और मिठाइयों की बहार लेकर आता है और इस मौके पर गुजिया के बिना सब अधूरा लगता है। आमतौर पर गुजिया मावे से बनाई जाती है, कुछ लोग सूजी मिलाते हैं तो कुछ दोनों को एक साथ यूज करते हैं। लेकिन हर बार वही पुराना स्वाद खाते-खाते मन ऊब जाता है, तो इस बार क्यों न कुछ नया एक्सपेरिमेंट किया जाए?
अगर आप मावा छोड़कर कुछ हटकर और लाजवाब गुजिया ट्राई करना चाहते हैं, तो हम आपके लिए लेकर आए हैं तीन ऐसे अनोखे फ्लेवर जो आपकी होली को और भी यादगार बना देंगे। ठंडाई वाली गुजिया से लेकर रोज गुलकंद और खजूर गुजिया तक, इन रेसिपीज को एक बार बनाएं और देखिए कैसे मेहमान बार-बार रेसिपी मांगते हैं।
1. ठंडाई गुजिया
होली और ठंडाई का साथ तो सदियों पुराना है। अब उसी ठंडाई के मसालों को गुजिया में भरकर देखिए, स्वाद का एक नया अनुभव मिलेगा। हल्की खुशबू, मसालेदार मिठास और ठंडक का एहसास लिए यह गुजिया होली की सबसे परफेक्ट मिठाई बन सकती है।
आवश्यक सामग्री
- 2 कप मैदा
- ¼ कप घी (मोयन के लिए)
- ½ कप ठंडाई पाउडर
- ½ कप नारियल का बूरा
- ¼ कप बादाम-काजू पाउडर
- ½ कप चीनी पाउडर
- ¼ चम्मच इलायची पाउडर
- दूध जरूरत अनुसार
- तलने के लिए घी या तेल
बनाने का तरीका
- मैदे में घी मिलाकर मोयन लगाएं और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें। आटा न ज्यादा नरम हो न ज्यादा कड़ा। गूंथने के बाद गीले कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें।
- एक बड़े कटोरे में ठंडाई पाउडर, नारियल का बूरा, बादाम-काजू पाउडर, इलायची और चीनी पाउडर एक साथ मिला लें। मिश्रण को अच्छे से मिक्स करें ताकि सभी चीजें अच्छी तरह घुल जाएं।
- आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पतला बेलें। बीच में एक चम्मच स्टफिंग रखें, किनारों पर हल्का पानी लगाकर मोड़ें और अच्छे से बंद कर दें। चाहें तो सांचे से डिजाइन भी दे सकते हैं।
- कड़ाही में घी गर्म करें और मध्यम आंच पर गुजिया को सुनहरा होने तक तलें। बाहर निकालकर ठंडा होने दें और फिर परोसें।
2. रोज गुलकंद गुजिया
गुलाब की महक और गुलकंद की नेचुरल मिठास से तैयार यह गुजिया मुंह में रखते ही घुल जाती है। मेहमानों को जैसे ही इसकी खुशबू आएगी, वो खुद को रोक नहीं पाएंगे। यह गुजिया ट्रेडिशनल से बिल्कुल अलग और बेहद रिफ्रेशिंग लगती है।
आवश्यक सामग्री
- 2 कप मैदा
- ¼ कप घी
- ½ कप गुलकंद
- 2 बड़े चम्मच ड्राई रोज पेटल्स
- ¼ कप नारियल बूरा
- ¼ कप कटे हुए मेवे (बादाम, काजू, पिस्ता)
- ½ चम्मच इलायची पाउडर
- तलने के लिए घी
बनाने का तरीका
- मैदे में घी का मोयन लगाएं और थोड़े पानी से सख्त आटा गूंथ लें। ढककर 20-25 मिनट रेस्ट करने दें ताकि आटा अच्छे से सेट हो जाए।
- एक कटोरे में गुलकंद, सूखी गुलाब की पंखुड़ियां, कटे हुए मेवे, नारियल बूरा और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। गुलकंद में पहले से मिठास होती है इसलिए अलग से चीनी मिलाने की जरूरत नहीं।
- आटे को दोबारा हल्का गूंथकर छोटी लोइयां बनाएं। हर लोई को पतला बेलकर बीच में स्टफिंग भरें। किनारों को पानी से सील करें और अच्छे से दबाकर बंद करें।
- धीमी आंच पर घी में गुजिया को धीरे-धीरे सुनहरा होने तक तलें। जल्दी न करें वरना अंदर से कच्ची रह सकती है। ठंडा होने के बाद परोसें।
3. खजूर गुजिया
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इस बार खजूर की गुजिया ट्राई करें और महसूस करें नेचुरल मिठास का असली जायका। रमजान के मौसम में खजूर बाजार में ताजे और आसानी से मिल जाते हैं। मावे से बनी भारी गुजिया के मुकाबले यह हल्की और सेहत के लिए भी काफी बेहतर है।
आवश्यक सामग्री
- 2 कप मैदा
- ¼ कप घी
- ½ कप खजूर (बीज निकालकर बारीक कटे हुए)
- ¼ कप मिले-जुले मेवे (बादाम, काजू, पिस्ता)
- ½ चम्मच इलायची पाउडर
- 1 टेबलस्पून तिल
- तलने के लिए घी या तेल
बनाने का तरीका
- मैदे में घी का मोयन लगाएं और सख्त आटा गूंथकर ढककर रख दें। कम से कम 20 मिनट रेस्ट देना जरूरी है ताकि गुजिया तलते वक्त टूटे नहीं।
- खजूर को बारीक-बारीक काट लें। अगर खजूर थोड़े सूखे हों तो 5 मिनट गुनगुने पानी में भिगोकर फिर काटें, इससे स्टफिंग में अच्छी नमी और बाइंडिंग आती है। अब इसमें कटे हुए मेवे, तिल और इलायची पाउडर मिलाकर सब कुछ अच्छे से मिक्स कर लें। खजूर में नेचुरल मिठास होती है इसलिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं पड़ती।
- आटे को दोबारा हल्का गूंथकर छोटी लोइयां बनाएं। पूड़ी के आकार में पतला बेलें और बीच में एक चम्मच खजूर की स्टफिंग रखें। किनारों पर हल्का पानी लगाकर मोड़ें और अंगुलियों से अच्छे से बंद करें। चाहें तो गुजिया सांचे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। तेल मध्यम गर्म हो, बहुत ज्यादा नहीं वरना गुजिया बाहर से जल जाएगी और अंदर कच्ची रह जाएगी। धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें, फिर पेपर नैपकिन पर निकालें और ठंडा होने के बाद परोसें।
- टिप: खजूर गुजिया को हेल्दी रखना है तो 180°C पर ओवन में 20 मिनट बेक भी कर सकते हैं। स्वाद थोड़ा अलग लेकिन हल्का और पौष्टिक जरूर रहेगा।
इस होली इन तीनों में से कोई भी एक रेसिपी ट्राई करें और देखिए कैसे घर आए मेहमान तारीफ करते नहीं थकते। मावा न हो तो क्या, स्वाद में ये गुजिया किसी से कम नहीं!
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