हर साल यही होता है। अप्रैल आते-आते मनाली की सड़कें जाम हो जाती हैं, शिमला के मॉल रोड पर पांव रखने की जगह नहीं होती, और ऋषिकेश- मसूरी का तो हाल ही न पूछो! अब ऐसे में ऑफ-बीट डेस्टिनेशन्स ही बचते हैं।
हम सब थोड़ी ठंडक और थोड़े सुकून की तलाश में निकलते हैं, लेकिन पहुंच जाते हैं वहीं जहां पहले से हज़ारों लोग मौजूद होते हैं क्योंकि हमें उन ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में पता ही नहीं है।
इन जगहों पर न भीड़ है, न शोर, न मनमाने दामों वाले होटल। बस पहाड़, जंगल, ठंडी हवा और एक ऐसी शांति जो आजकल मिलनी मुश्किल हो गई है। इसलिए यहां हम 5 ऐसे ही ऑफबीट हिल स्टेशन्स की बात करेंगे जो इस गर्मी में आपकी पूरी ट्रिप को खास बना सकते हैं।
1. मुनस्यारी, उत्तराखंड
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उत्तराखंड के कुमाऊं इलाके में बसा मुनस्यारी उन जगहों में से है जिसे देखकर लगता है कि दुनिया में अभी भी कुछ असली बचा हुआ है। चारों तरफ बर्फ से ढकी चोटियां, नीचे से गुज़रती साफ नदियां और हवा में एक ऐसी ताज़गी जो शहरों में कब की भूल चुके थे।
Panchachuli peaks का नज़ारा यहां से ऐसा दिखता है जैसे किसी ने खिड़की के बाहर पेंटिंग लगा दी हो। सुबह उठकर जब वो बर्फ की सफेद चोटियां नारंगी रोशनी में नज़र आती हैं, तो समझ आता है कि लोग इसे Little Kashmir क्यों कहते हैं।
पहाड़ों पर चढ़ने के शौकीनों के लिए Munsiyari एक जन्नत है। Milam Glacier, Ralam और Darkot जैसे कई रास्ते यहीं से शुरू होते हैं। अगर आप ट्रेकर नहीं हैं तो भी कोई बात नहीं… बस एक कप चाय लेकर बाहर बैठ जाइए और पहाड़ों को निहारते रहिए। यह अनुभव भी किसी ट्रेक से कम नहीं।
घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से जून और सितंबर-अक्टूबर
2. शोजा, हिमाचल प्रदेश
शोजा का नाम शायद आपने पहले कभी न सुना हो और यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। कुल्लू के पास, Jalori Pass के नज़दीक यह छोटा-सा गांव बांज और बुरांस के घने जंगलों के बीच छुपा हुआ है। यहां कोई पर्यटकों वाला बाज़ार नहीं, कोई शोर-शराबे वाला ढाबा नहीं… बस जंगल, ठंडी हवा और कभी-कभी दूर से आती किसी पक्षी की आवाज़ है।
Raghupur Fort के खंडहर भी यहां से ज़्यादा दूर नहीं, जहां से हिमालय की चोटियों का चारों तरफ का नज़ारा मिलता है। लेकिन सच कहें तो Shoja का असली जादू यही है कि यहां कुछ खास करने की ज़रूरत नहीं होती। यहां बस होना काफी है। अगर आप सच में किसी शांत ऑफ-बीट डेस्टिनेशन्स की तलाश में हैं, तो शोजा आपको निराश नहीं करेगा।
घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से जून
3. मेचुका, अरुणाचल प्रदेश
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अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग ज़िले में, तिब्बत की सीमा के करीब एक ऐसी घाटी है जिसके बारे में ज़्यादातर भारतीयों को आज भी पता नहीं। यह मेचुका है।
Yargyap Chu नदी के किनारे बसी यह घाटी ऐसी लगती है जैसे समय यहां ठहर गया हो। बौद्ध मठों की घंटियां, याक के झुंड, बादलों में घिरे पहाड़ और एक ऐसी शांति जो आपको थोड़ा बेचैन भी कर सकती है, क्योंकि हम इतनी खामोश ज़िंदगी के आदी नहीं रहे।
यहां पहुंचना आसान नहीं है। Pasighat या Aalo से लंबा सफर है, Inner Line Permit भी लेना पड़ता है। लेकिन जो यहां पहुंचते हैं, वो कहते हैं कि यह रास्ता ही इस यात्रा का सबसे यादगार हिस्सा बन जाता है।
Mechuka उनके लिए है जो सच में किसी अनछुई जगह को महसूस करना चाहते हैं, सैलानी बनकर नहीं, बल्कि एक सच्चे मुसाफिर की तरह। मेचुका सिर्फ एक ट्रैवल स्पॉट नहीं, बल्कि उन ऑफ-बीट डेस्टिनेशन्स में एक है जहां आप खुद से भी जुड़ पाते हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से अक्टूबर
4. कालिम्पोंग, वेस्ट बंगाल
दार्जिलिंग के बारे में सब जानते हैं, लेकिन कालिम्पोंग के बारे में नहीं। यह पहाड़ी शहर तीस्ता नदी के किनारे बसा है और Kanchenjunga की चोटियां यहां से भी उतनी ही शानदार दिखती हैं, लेकिन यहां आपको दार्जिलिंग की भीड़ नहीं मिलेगी।
Kalimpong में आपको अंग्रेज़ों के ज़माने की पुरानी इमारतें, तिब्बती बौद्ध संस्कृति और पहाड़ी सादगी मिलेगी। यहां के फूलों की नर्सरियां मशहूर हैं। यहीं से ग्लेडियोलस और ऑर्किड जैसे फूल पूरे देश में भेजे जाते हैं।
Morgan House, Durpin Monastery और Zang Dhok Palri Phodang जैसी जगहों को देखने में पूरा दिन निकल जाता है। और हां यहां के मोमोज़ खाने के बाद किसी और जगह के मोमोज़ खाना मुश्किल हो जाता है और शायद इसलिए यह बेस्ट ऑफ-बीट डेस्टिनेशन्स में से है।
घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से मई और अक्टूबर-नवंबर
5. चिकमगलूर, कर्नाटक
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उत्तर भारत के पहाड़ों का नाम सुनते ही सब उधर दौड़ते हैं, लेकिन दक्षिण भारत में भी एक ऐसी जगह है जो किसी से कम नहीं। Western Ghats की गोद में बसा चिकमगलूर भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन्स में से एक है।
यहां की पहचान इसके कॉफी के बागान हैं। सुबह-सुबह जब धुंध होती है और आप कॉफी के बागानों के बीच टहल रहे होते हैं, तो ऐसी खुशबू आती है जो दिल्ली और मुंबई के किसी बड़े कैफे में नहीं मिलती।
कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी Mullayanagiri यहीं है, जिसे आप पैदल चढ़कर भी जीत सकते हैं। Hebbe Falls, Bhadra Wildlife Sanctuary और Kudremukh National Park जैसी जगहें प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय: मई से सितंबर
भारत यहां अभी भी वैसा है जैसा होना चाहिए। न यहां कमर्शियालाइज़ेशन की मार है और न दिखावे के लिए बनाई गई नकली खूबसूरती। इन जगहों पर आपको असली सुकून मिलता है।
अब इस बार वही पुरानी जगहों पर जाने से अच्छा है कि इन ऑफ-बीट डेस्टिनेशन्स को एक्सप्लोर करें।
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