हम सभी की अपने-अपने रिलेशनशिप से कुछ उम्मीदें होती हैं। सबसे बड़ी उम्मीद होती है कि हम एक-दूसरे का सम्मान करें। हर रिश्ता प्यार, भरोसे और बातचीत पर टिका होता है। लेकिन कभी-कभी हम गुस्से या बहस के दौरान ऐसे शब्द कह देते हैं जो सामने वाले के दिल पर गहरी चोट छोड़ जाते हैं। यह छोटी-सी बातें समय के साथ रिश्ते की नींव हिला देती हैं। अगर आप भी सोचते हैं कि बस सॉरी कह देने से सब ठीक हो जाता है, तो दोबारा सोचिए। कुछ वाक्य, कुछ शब्द और कुछ बातें ऐसी होती हैं कि वो रिश्ता धीरे-धीरे तोड़ देती हैं। ये 5 Toxic Phrases in Relationship आपको अपने पार्टनर को कभी नहीं कहनी चाहिए।
1. “तुम हमेशा ऐसा ही करते हो…”
Image Source
हम लोग कितनी बार बहस में अपने पार्टनर को यह सुना देते हैं! यह वाक्य सुनते ही सामने वाले को लगता है कि उसकी सारी कोशिशें बेकार हैं। कोई भी व्यक्ति बार-बार अपनी पुरानी गलतियों के लिए जज नहीं होना चाहता। जब आप “हमेशा” या “कभी नहीं” जैसे शब्द इस्तेमाल करते हैं, तो यह किसी एक गलती को नहीं, बल्कि पूरी पर्सनैलिटी को निशाना बनाता है। इससे आपके पार्टनर को लगता है कि चाहे वह कितना भी सुधार कर ले, आपकी नजर में वह कभी सही नहीं होगा।
2. “तुम समझते ही नहीं मुझे”
यह लाइन सुनते ही सामने वाले का दिमाग डिफेंसिव हो जाता है। आपने नोटिस किया होगा कि यह फ्रेज बोलते ही सामने वाला बात को आधा छोड़ देता है। उसके लगता है कि जब वो आपकी बात नहीं समझ रहा है, तो आगे बात करने का भी फायदा नहीं है। ऐसा भी तो हो सकता है कि आपका पार्टनर कोशिश कर रहा हो, बस उसका तरीका अलग हो। “तुम समझते नहीं” कहने की बजाय, आप इसे दूसरे तरीके से फ्रेज कर सकते हैं। साथ ही, चिल्लाकर अपनी बात कहने से अच्छा है कि आप आराम से बैठकर एक-दूसरे की बात समझने की कोशिश करें। इससे झगड़े होने के बजाय एक-दूसरे का नजरिया समझने का मौका मिलेगा।
इसे भी पढ़ें: आखिर क्यों महिलाएं बन जाती हैं इमोशनल मैनिपुलेशन का शिकार? जानें कैसे हो सकती हैं ‘नकली प्यार’ की नैय्या पार
3. “मुझे फर्क नहीं पड़ता…”
क्या आप भी गुस्से में ऐसा कह देते हैं? अगर हां… तो आप अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। इस फ्रेज से आपके पार्टनर को महसूस होता है कि उसकी भावनाओं की आप कद्र नहीं करते। किसी भी रिलेशनशिप में इमोशनल कनेक्शन सबसे ज्यादा मायने रखता है और आपका यह टॉक्सिक फ्रेज उसे खत्म कर सकता है। ऐसे में अगर पार्टनर को लगे कि आप उसकी परवाह नहीं करते, तो इससे धीरे-धीरे दूरी बढ़ने लगती है। इसलिए भले ही गुस्से में हों, यह जताना जरूरी है कि “हां, मुझे फर्क पड़ता है, बस मैं अभी थोड़ा शांत रहना चाहता/चाहती हूं।”
4. “अगर तुम मुझसे प्यार करते, तो…”
Image Source
यह तमाम Toxic Phrases में से एक ऐसा फ्रेज है इमोशनल मैनिपुलेशन या ब्लैकमेल का क्लासिक उदाहरण है । इस वाक्य में प्यार को शर्तों में बांधा जाता है, जो रिश्ता कमजोर करता है। यह आपके पार्टनर के ऊपर दबाव बनाता है। इस फ्रेज के जरिए आप उसे वो करने को मजबूर करते हैं, जो करने में शायद वो असहज हैं। किसी भी रिश्ते में अगर प्यार का प्रमाण देना पड़ रहा है, तो वह नकली रिलेशनशिप है। सच्चा प्यार कभी किसी परीक्षा की मांग नहीं करता। इसे कहने की बजाय बेहतर होगा कि आप अपनी जरूरतों तो साफ शब्दों में बताएं। हो सकता है. इससे आपका पार्टनर खुलकर अपनी भावनाओं को आपके सामने रख सकेगा।
इसे भी पढ़ें: Sis, Listen up! ‘परफेक्ट’ पार्टनर के पीछे छुपा हो सकता है एक Narcissist, ये 5 रेड फ्लैग्स कभी न करना इग्नोर
5. “मुझे अकेला छोड़ दो…”
कभी-कभी बहस के बीच थोड़ा वक्त लेना जरूरी होता है, लेकिन हर झगड़े में यह कहना दूरी बढ़ा देता है। रिश्ते को तोड़ने वाला शब्द है। जब आप हर बार “मुझे अकेला छोड़ दो” कहते हैं, तो यह पार्टनर को यह महसूस करा सकता है कि आप रिश्ते से भाग रहे हैं, न कि उसे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे ट्रस्ट में भी दरार आती है। अगर आपको सच में टाइम चाहिए, तो कहें- “मैं थोड़ी देर में बात करना चाहूंगी/चाहूंगा।” उसके बाद कोशिश करें कि अपने झगड़े को सुलझाएं। उसे बगैर सुलझे न छोड़ें और न ही पार्टनर की फीलिंग्स को इग्नोर करें।
अगर आप भी जाने-अनजाने में रिश्ते बिगाड़ने वाली ये बातें कह देते हैं, तो जरा रुकिए! ये गलत बातें और Toxic Phrases आपके बनते हुए घर को उजाड़ सकती हैं। याद रखिए, प्यार में सही शब्द भी उतने ही जरूरी हैं जितना सच्चा इरादा।
फीचर्ड इमेज सोर्स